पोंगल: प्रकृति, संस्कृति और शास्त्रों का महा-संगम

पोंगल: प्रकृति, संस्कृति और शास्त्रों का महा-संगम

भारतवर्ष त्योहारों और उत्सवों की भूमि है, जहाँ प्रत्येक पर्व के पीछे गहरा आध्यात्मिक, खगोलीय और वैज्ञानिक आधार छिपा होता है। दक्षिण भारत, विशेष रूप से तमिलनाडु में मनाया जाने वाला‘पोंगल’ केवल एक फसल उत्सव नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति की उस विचारधारा का प्रतीक है जो‘वसुधैव कुटुंबकम’ और प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित … Read more

सफला एकादशी 2025: सफलता, शुभता और नई ऊर्जा का पवित्र दिन

क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि आप मेहनत बहुत करते हैं… लेकिन परिणाम वैसा नहीं मिलता जैसा होना चाहिए?  जैसे जीवन में सब कुछ बस थोड़ा सा अटक गया हो— राहें दिखती हों, लेकिन चलने का आत्मविश्वास जैसे कहीं खो गया हो? अगर हाँ, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि हिंदू परंपरा में … Read more

Laxmi dhyan mantra

Laxmi dhyan mantra

लक्ष्मी ध्यान मंत्र (Laxmi dhyan mantra in Hindi) ॐ पद्मासनस्थिते देवी परब्रह्मस्वरूपिणी।परमेशि परमेशान्यै नमस्ते ब्रह्मचारिणि॥या सा पद्मासनस्था विपुलकटीतटा हेमवर्णा प्रसन्ना।त्रैलोक्यं व्याप्तमूर्तेरखिलमखिलं निर्विकारं प्रसन्नम्॥या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ लक्ष्मी ध्यान मंत्र का अर्थ (Meaning in Hindi) मंत्र: ॐ पद्मासनस्थिते देवी परब्रह्मस्वरूपिणी।परमेशि परमेशान्यै नमस्ते ब्रह्मचारिणि॥ अर्थ: हे देवी लक्ष्मी! जो पद्मासन पर विराजमान … Read more

श्री सूक्त के 16 मंत्र pdf download

श्री सूक्त के 16 मंत्र pdf download

श्री सूक्त के 16 मंत्र (Sri Suktam – 16 Mantras) (1)हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जतातो विद्यां धत्ताम् ॥(2)तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥(3)अश्मन्वो मे गमय त्वं अश्मन्वनि देवि ।हिरीण्यवर्णे लोकं मा धेहि ॥(4)तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् ।यस्यां श्यामं विन्देयं पुरूषं त्वं अश्वमेधं ॥(5)आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम् … Read more

कर्पूर गौरम करुणावतारं आरती pdf

कर्पूर गौरम करुणावतारं आरती pdf

“कर्पूर गौरम करुणावतारम्” भगवान शिव की सबसे लोकप्रिय, पवित्र और शक्तिशाली स्तुति/आरती में से एक है, जिसे भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर के शिव भक्त बड़े प्रेम और भक्ति से गाते हैं। यह मंत्र शिव के निर्मल, शान्त, कल्याणकारी और करुणामयी स्वरूप का वर्णन करता है। यह स्तुति मंदाकिनी की तरह मन को शान्त करती … Read more

 राम जन्म स्तुति भए प्रगट कृपाला हिन्दी अर्थ सहित 

राम जन्म स्तुति हिन्दी अर्थ सहित 

राम जन्म स्तुति भए प्रगट कृपाला हिन्दी अर्थ सहित  भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी।हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥ भावार्थ- तुलसीदास जी कहते हैं कि दीनों पर दया करने वाले, माता कौशिल्‍या के हितकारी प्रगट हुए हैं। मुनियों के मन को हरने वाले भगवान के अदभुत रूप का विचार कर माता कौशल्या हर्ष से … Read more

महा मृत्युंजय मंत्र हिंदी अर्थ सहित  

महा मृत्युंजय मंत्र

महा मृत्युंजय मंत्र हिंदी अर्थ सहित इस 52 अक्षर का महामृत्युंजय मंत्र के प्रभाव से मनुष्य का अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है। इसका का जप करने वाले को लंबी उम्र मिलती है। महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से मांगलिक दोष, नाड़ी दोष, कालसर्प दोष, भूत-प्रेत दोष, रोग, दुःस्वप्न, गर्भनाश, संतानबाधा कई दोषों … Read more

माँ लक्ष्मी मंत्र हिंदी अर्थ सहित

माँ लक्ष्मी मंत्र हिंदी अर्थ सहित

माँ लक्ष्मी मंत्र हिंदी अर्थ सहित ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमःॐ विष्णुप्रियायै नमो नमःॐ धनप्रदायै नमो नमःॐ विश्वजनन्यै नमो नमः अनुवाद हे महालक्ष्मी! आपको बार-बार प्रणाम है। विष्णु की प्रिय,आपको बार-बार प्रणाम है।धन देने वाली, आपको बार-बार प्रणाम है। विश्व की जननी, आपको बार-बार प्रणाम है। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं … Read more

श्री रुद्राष्टकम् स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित

श्री रुद्राष्टकम् स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित

श्री रुद्राष्टकम् स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ हिंदी अनुवाद   हे ईशान (शम्भु)! मैं आपको प्रणाम करता हूँ, जो मुक्तिस्वरूप, सर्वशक्तिमान, सर्वव्यापक, ब्रह्मस्वरूप और वेदों के सार स्वरूप हैं। आप अपने निज स्वरूप में स्थित, निर्गुण, निर्विकल्प, और निरीह हैं। आप अनन्त ज्ञानमय … Read more

शिव तांडव स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित

शिव तांडव स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित

शिव तांडव स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ हिंदी अनुवाद  उनके जटाओं से बहने वाला पवित्र गंगा जल उनके कंठ को शुद्ध करता है, उनके गले में सर्प हार के रूप में लटका हुआ है, डमरू से डमट् डमट् की दिव्य ध्वनि गूंज रही … Read more