हनुमान चालीसा संग पढ़ें हनुमान अष्टक

हनुमान चालीसा संग पढ़ें हनुमान अष्टक

हनुमान चालीसा संग पढ़ें हनुमान अष्टक हनुमान चालीसा के साथ हर दिन पढ़ें हनुमानष्टक मिलेगा दोगुना लाभ: तुलसी दासजी द्वारा बंजरंगबली हनुमान की भक्ति में इसकी रचना हुई है। कहते हैं जो संकट मोचन हनुमानजी की भक्ति में हनुमानाष्टक का पाठ करते हैं हनुमानजी उनकों संकट से पार लगा देते हैं। आप भी पढ़ें हनुमानाष्टक – बाल … Read more

श्री बजरंग बाण का पाठ

श्री बजरंग बाण का पाठ

श्री बजरंग बाण का पाठ दोहा निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करैं सनमान ।तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करें हनुमान ॥ जय हनुमन्त संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ।।जन के काज बिलम्ब न कीजै । आतुर दौरि महासुख दीजै ।।जैसे कूदी सिन्धु महि पारा । सुरसा बदन पैठी विस्तारा ।।आगे जाय … Read more

श्री हनुमान चालीसा

श्री हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा PDF में डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें श्री हनुमान चालीसा दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि।बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।। चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।राम दूत अतुलित बल … Read more

एकादशी माता जी की आरती

एकादशी माता जी की आरती

एकादशी माता जी की आरती ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी…॥ तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी। गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ ॐ जय एकादशी…॥ मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना, विश्वतारनी जन्मी। शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा, … Read more

श्री राम जी की स्तुति

श्री राम जी की स्तुति

श्री राम जी की स्तुति श्री राम चन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं । नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ श्री राम चन्द्र… कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं । पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नोमि जनक सुतावरं ॥२॥ श्री राम चन्द्र… भजु दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनं … Read more

श्री गुरुद्त्ता चीं जी की आरती

श्री गुरुद्त्ता चीं जी

श्री गुरुद्त्ता चीं जी की आरती त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा । त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा । नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥ सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता । आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥ सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त । अभाग्यासी कैची कळेल हि … Read more

माँ अन्नपूर्णा जी की आरती

माँ अन्नपूर्णा जी की आरती

माँ अन्नपूर्णा जी की आरती बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम । अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम ॥ बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम । प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम । सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम ॥ बारम्बार प्रणाम, … Read more

श्री बद्रीनाथ जी की आरती

बद्रीनाथ जी की आरती

बद्रीनाथ जी की आरती श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम् ॥ पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम् । निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम् ॥ शेष सुमिरन करत निशदिन, धरत ध्यान महेश्वरम् । वेद ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम् ॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ शक्ति गौरी गणेश शारद, नारद मुनि उच्चारणम् । जोग ध्यान … Read more

महावीर भगवान जी की आरती

महावीर भगवान जी की आरती

महावीर भगवान जी की आरती ॐ जय महावीर प्रभु, स्वामी जय महावीर प्रभु । कुण्डलपुर अवतारी, चांदनपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभु ॥ सिध्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी । बाल ब्रह्मचारी व्रत, पाल्यो तप धारी ॥ ॥ॐ जय महावीर प्रभु…॥ आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी । माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॥ ॥ॐ जय … Read more

आरती सूर्य देव जी की

आरती सूर्य देव जी की

आरती सूर्य देव जी की ऊँ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान । जगत् के नेत्र स्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा । धरत सब ही तव ध्यान, ऊँ जय सूर्य भगवान ॥ ॥ ऊँ जय सूर्य भगवान..॥ सारथी अरूण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी । तुम चार भुजाधारी ॥ अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटी … Read more